भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस में बड़े संगठनात्मक बदलाव की शुरुआत हो गई है। ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) के मध्य प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने ‘संगठन सृजन अभियान’ के तहत प्रदेश कांग्रेस के सभी विभागों, प्रकोष्ठों (सेल्स) और उनकी जिला एवं ब्लॉक स्तरीय इकाइयों को तत्काल प्रभाव से भंग करने के आदेश जारी किए हैं।
यह फैसला दिल्ली में दो दिन तक चली संगठनात्मक समीक्षा बैठक के बाद लिया गया है। माना जा रहा है कि यह कांग्रेस के व्यापक पुनर्गठन की दिशा में पहला बड़ा कदम है।
नई टीम के गठन की तैयारी
पार्टी सूत्रों के अनुसार, आगामी चुनावों और संगठन को अधिक सक्रिय बनाने के उद्देश्य से नई कार्यकारिणी और विभिन्न विभागों का गठन किया जाएगा। संगठन में सक्रिय और प्रदर्शन के आधार पर कार्यकर्ताओं को नई जिम्मेदारियां दी जाएंगी।
जिलाध्यक्षों के प्रदर्शन की समीक्षा
कांग्रेस नेतृत्व ने पिछले वर्ष नियुक्त जिलाध्यक्षों के कार्यों का मूल्यांकन भी किया है। रिपोर्ट कार्ड के आधार पर उन्हें A, B, C और D श्रेणियों में बांटा गया है। सूत्रों के मुताबिक, D ग्रेड वाले करीब आधा दर्जन जिलाध्यक्षों को हटाने पर सहमति बन चुकी है और जल्द इस संबंध में आदेश जारी हो सकते हैं।
प्रदेश कार्यकारिणी में भी बदलाव के संकेत
सूत्रों के अनुसार, मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी (MPCC) की वर्तमान प्रदेश कार्यकारिणी को भी जल्द भंग कर नई कार्यकारिणी की घोषणा की जा सकती है। इससे प्रदेश संगठन में व्यापक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
जीतू पटवारी ने क्या कहा?
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि राहुल गांधी के मार्गदर्शन में संगठन सृजन अभियान चलाया जा रहा है। समीक्षा के बाद पार्टी नेतृत्व ने सभी विभागों और प्रकोष्ठों की इकाइयों को भंग करने का निर्णय लिया है। उनका कहना है कि संगठन को नए स्वरूप में तैयार किया जा रहा है ताकि भविष्य की राजनीतिक चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके।
शीर्ष नेतृत्व को भेजी गई जानकारी
संगठनात्मक पुनर्गठन से संबंधित आदेश की प्रति कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व, जिनमें मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, के.सी. वेणुगोपाल, जीतू पटवारी और उमंग सिंघार शामिल हैं, को भेज दी गई है। अब प्रदेश कांग्रेस में नए चेहरों और नई जिम्मेदारियों की घोषणा पर सभी की नजरें टिकी हैं।




