मुंबई:महाराष्ट्र के सबसे चर्चित और सख्त आईएएस (IAS) अधिकारी व अन्न और औषधि प्रशासन (FDA) के कमिश्नर तुकाराम मुंढे एक बार फिर सुर्खियों में हैं। मिलावटी खाद्य पदार्थों और अस्वास्थ्यकर होटलों के खिलाफ उनके द्वारा चलाए गए राज्यव्यापी अभियान ने पूरे महाराष्ट्र के होटल व्यवसायियों में हड़कंप मचा रखा है। कार्यभार संभालने के बाद से मुंढे की अगुवाई में अब तक 1,000 से अधिक जगहों पर छापेमारी की जा चुकी है, जिसमें कई नामी होटलों के किचन सील कर दिए गए हैं।
बड़े-बड़े होटलों पर गिरी गाज
FDA की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई की जद में मुंबई के भेंडी बाजार का मशहूर ‘शालिमार होटल’, ‘नूर मोहम्मदी’, दक्षिण मुंबई का ‘पूर्णिमा रेस्टोरेंट’ और यहां तक कि वीआईपी ‘क्रिकेट क्लब ऑफ इंडिया (CCI)’ का किचन भी आ चुका है। इन जगहों पर साफ-सफाई की भारी कमी और नियमों के उल्लंघन के चलते इनके लाइसेंस सस्पेंड कर इन्हें बंद करा दिया गया था। इसके अलावा सैकड़ों अन्य प्रतिष्ठानों को सुधारात्मक नोटिस जारी किए गए हैं।
बॉम्बे हाईकोर्ट ने क्यों लगाया समन?
इस कड़ी कार्रवाई के खिलाफ नवी मुंबई के एक 4-स्टार होटल (पार्क इन बाय रेडिसन) ने बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जिसे सिर्फ दो कीड़े मिलने पर बंद कर दिया गया था। मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कमिश्नर तुकाराम मुंढे को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया।सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा, “हम भारत में रह रहे हैं, हमें व्यावहारिक दृष्टिकोण (Realistic Approach) अपनाना होगा।” कोर्ट ने टिप्पणी की कि सिर्फ दो कीड़े मिलने पर पूरा होटल बंद कर देना बहुत कड़ी सजा है। इसके साथ ही कोर्ट ने अधिकारियों के ‘दोहरे मापदंडों’ पर भी सवाल उठाया और पूछा कि क्या ऐसी कड़क कार्रवाई सरकारी कैंटीनों पर भी हो रही है?जब मुंढे की टीम ने खुद हाईकोर्ट की कैंटीन पर मार दिया छापा!अदालत के इस सवाल का तुकाराम मुंढे और उनकी टीम ने बेहद अनोखा जवाब दिया। कोर्ट की टिप्पणी के तुरंत बाद, FDA की टीम ने खुद बॉम्बे हाईकोर्ट परिसर के अंदर चल रही कैंटीनों पर औचक छापा मार दिया। इस छापेमारी में पाया गया कि कोर्ट की एक कैंटीन बिना FSSAI लाइसेंस के चल रही थी, जिसे तुरंत बंद करा दिया गया।इसके अलावा, महाराष्ट्र सरकार के मुख्यालय (मंत्रालय कैंटीन) को 98% स्वच्छता का फर्जी सर्टिफिकेट देने वाले FDA के दोषी अधिकारियों पर भी कोर्ट के निर्देश के बाद अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद नरमी, मिला ‘मंगलवार’ तक का समयहाईकोर्ट के दखल के बाद अब FDA के रुख में थोड़ी नरमी आई है। अदालत के निर्देशानुसार, अब जिन होटलों में कमियां पाई जा रही हैं, उन्हें तुरंत बंद करने के बजाय अपनी सफाई व्यवस्था सुधारने के लिए मंगलवार तक का समय दिया जा रहा है। यदि दी गई समयसीमा के भीतर सुधार नहीं पाया गया, तो दोबारा कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
WRITTEN BY: KOMAL SHREE BHATT




