Nepal में पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में एक बार फिर बड़ा इजाफा किया गया है, जिससे आम जनता पर महंगाई का दबाव और बढ़ने की संभावना है।
Nepal Oil Corporation द्वारा जारी नई दरों के अनुसार डीजल और मिट्टी का तेल (केरोसीन) 30 रुपये प्रति लीटर महंगे कर दिए गए हैं, जबकि हवाई ईंधन की कीमत में 5 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है।
संशोधित दरों के तहत अब डीजल और केरोसीन 237 रुपये प्रति लीटर तथा हवाई ईंधन 256 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर पहुंच गया है।
निगम के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और Indian Oil Corporation से प्राप्त नई मूल्य सूची के आधार पर यह निर्णय लिया गया है।
हालांकि, मूल्य वृद्धि के बावजूद निगम को अभी भी भारी घाटा उठाना पड़ रहा है। आंकड़ों के अनुसार पेट्रोल पर प्रति लीटर 2.32 रुपये, डीजल पर 87.99 रुपये, केरोसीन पर 36.70 रुपये और एलपीजी गैस सिलेंडर पर 331.25 रुपये का घाटा बना हुआ है।
निगम ने बताया कि पखवाड़े के आधार पर कुल घाटा लगभग 7 अरब 81 करोड़ 61 लाख रुपये तक पहुंच गया है, जो देश की ऊर्जा अर्थव्यवस्था के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता नहीं आती, तो आने वाले समय में आम उपभोक्ताओं पर और आर्थिक दबाव बढ़ सकता है।













