नेपाल में विक्रम संवत 2083 के आगमन के साथ पूरे देश में नववर्ष का उत्सव हर्षोल्लास और धार्मिक आस्था के साथ मनाया जा रहा है।
बैशाख 1 गते, जो विक्रम संवत कैलेंडर का पहला दिन होता है, नेपाल में नववर्ष के रूप में विशेष महत्व रखता है। इस अवसर पर लोग मंदिरों में पूजा-अर्चना कर, परिवार और प्रियजनों के साथ मिलकर नए साल का स्वागत कर रहे हैं।
नववर्ष के इस पावन अवसर पर लोग आने वाले वर्ष के लिए नई उम्मीदों, संकल्पों और सकारात्मक ऊर्जा के साथ आगे बढ़ने का संकल्प ले रहे हैं। सौर कैलेंडर के अनुसार यह दिन वर्ष की शुरुआत का प्रतीक है, जबकि चंद्र कैलेंडर में नववर्ष चैत्र शुक्ल पक्ष से प्रारंभ होता है।
नेपाल में प्रचलित विक्रम संवत कैलेंडर हिंदू पंचांग पर आधारित देश की आधिकारिक समय-गणना प्रणाली है। नववर्ष की पूर्व संध्या से ही लोगों ने एक-दूसरे को शुभकामनाएं देना शुरू कर दिया था।
इस अवसर पर रामचन्द्र पौडेल ने देशवासियों को नववर्ष 2083 की शुभकामनाएं देते हुए सामूहिक लक्ष्यों और राष्ट्रीय विकास के प्रति प्रतिबद्धता दोहराने का आह्वान किया।
राष्ट्रपति ने कहा कि सफलता संयोग से नहीं मिलती, बल्कि दृढ़ संकल्प, अनुशासन और निरंतर प्रयास से हासिल होती है। उन्होंने सभी नागरिकों के लिए सुख, शांति, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना की।













