मध्यप्रदेश के Indore जिले में जिला प्रशासन द्वारा “नशे से दूरी है जरूरी” अभियान को लगातार प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है। कलेक्टर Shivam Verma के निर्देशन में स्कूलों, कॉलेजों, बस्तियों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। अभियान का मुख्य उद्देश्य युवाओं, विद्यार्थियों, महिलाओं और आम नागरिकों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक कर समाज में नशामुक्त वातावरण तैयार करना है।
सहायक आयुक्त आबकारी अभिषेक तिवारी ने जानकारी देते हुए बताया कि जिलेभर में लगातार जागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इसके साथ ही विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों और सामाजिक संगठनों में “नशा मुक्ति हेतु मास्टर ट्रेनर एवं कोर कमिटी” के गठन की प्रक्रिया भी प्रारंभ की जा रही है, ताकि अभियान को जमीनी स्तर तक प्रभावी बनाया जा सके।
इसी क्रम में महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट एवं सत्य मेव जयते इंस्टीट्यूट में आयोजित कार्यक्रमों में आबकारी उप निरीक्षक आशीष जैन एवं त्रियंबिका शर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने युवाओं को नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों की जानकारी दी तथा सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को नशा मुक्ति की शपथ भी दिलाई गई।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी अभियान के तहत लगातार कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। ग्राम दतोदा पंचायत परिसर में आबकारी उप निरीक्षक कृतिका द्विवेदी द्वारा ग्रामीणों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराया गया। वहीं ग्राम मेमदी, सिमरोल स्थित आंगनवाड़ी केंद्र में आबकारी उप निरीक्षक मीना माल ने महिलाओं एवं ग्रामीणों को नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित किया।
इसके अलावा अंकुरण नशा मुक्ति केंद्र में आयोजित कार्यशाला में आबकारी उप निरीक्षक सुनील मालवीय एवं बी.डी. अहिरवार ने स्वास्थ्य और सामाजिक प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की। अर्जुनपुरा बस्ती और तेजपुर गड़बड़ी बस्ती, केसरबाग क्षेत्र में भी विशेष जागरूकता अभियान चलाकर नागरिकों को नशे से दूर रहने और समाज को नशामुक्त बनाने की शपथ दिलाई गई।
जिला प्रशासन का यह अभियान युवाओं और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।










